मंत्र संस्कृत भाषा का एक पवित्र शब्द, वाक्यांश या ध्वनि है जिसमें आध्यात्मिक शक्ति समाहित होती है। 'मंत्र' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है - 'मन' (मन) और 'त्र' (मुक्ति), अर्थात मन को भटकने से मुक्त करने वाला।
मंत्र वैदिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग हैं जो हजारों वर्षों से ऋषि-मुनियों द्वारा सुरक्षित रखे गए हैं। ये न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा हैं बल्कि व्यक्तिगत साधना और आत्म-साक्षात्कार का भी सशक्त माध्यम हैं।
प्रत्येक मंत्र किसी विशेष देवी-देवता से संबंधित होता है और उसकी अपनी एक अनूठी ऊर्जा एवं प्रभाव होता है। मंत्रों का सही उच्चारण और नियमित जप मनुष्य को आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।



